कुछ सवाल
यदि सारी नदियाँ मीठी हैं
तो समुद्र अपना नमक कहाँ से पाता है ?
ऋतुओं को कैसे मालूम पड़ता है कि
अब पोलके बदलने का वक्त आ गया ?
जाड़े इतने सुस्त-रफ्तार क्यों होते हैं
और दूसरी कटाई की घास इतनी चंचल उड्डीयमान ?
कैसे जानती हैं जड़ें
कि उन्हें उजाले की ओर चढ़ना ही है ?
और फिर बयार का स्वागत
ऐसे रंगों और फूलों से करना ?
क्या हमेशा वही वसंत होता है,
वही किरदार फिर दुहराता हुआ ?